एक गाँव में एक बूढ़ा साधु रहता था। लोग कहते थे कि वह हर सवाल का जवाब जानता है। एक दिन एक युवा किसान उसके पास आया और बोला, "बाबा, मेरे तीन सवाल हैं। अगर जवाब मिल गए तो मैं ज़िंदगी भर आपका शिष्य बनूँगा।"
साधु ने कहा, "पूछो।"
"पहला: सबसे अच्छा समय कौन-सा है? दूसरा: सबसे ज़रूरी इंसान कौन है? तीसरा: सबसे ज़रूरी काम क्या है?"
साधु ने कुछ नहीं कहा। उसने कुदाल उठाई और अपने बग़ीचे में क्यारी खोदने लगा। किसान देर तक खड़ा रहा, फिर ऊबकर बोला, "बाबा, जवाब?"
"थोड़ी देर रुको। पहले यह क्यारी पूरी करने में मदद करो।"
किसान ने कुदाल थामी। दोनों शाम तक खोदते रहे। तभी बाहर से एक घायल राहगीर लड़खड़ाता हुआ आया। उसके माथे से ख़ून बह रहा था। साधु ने फ़ौरन कपड़ा फाड़ा, पट्टी बाँधी और उसे पानी पिलाया। किसान ने उसे सहारा देकर चारपाई पर लिटाया।
राहगीर सो गया। रात गहरी हो चुकी थी। किसान ने फिर पूछा, "बाबा, मेरे सवाल?"
साधु मुस्कुराया। "जवाब तो दे दिए।"
"कैसे?"
"सबसे अच्छा समय वही है जो अभी चल रहा है, क्योंकि वही हमारे हाथ में है। सबसे ज़रूरी इंसान वह है जो इस पल तुम्हारे सामने है, क्योंकि उसके साथ तुम कुछ कर सकते हो। और सबसे ज़रूरी काम वह है जो तुम इस इंसान के लिए अभी कर सकते हो।"
किसान चुप रहा। उसने देखा कि सोया हुआ राहगीर शांति से साँस ले रहा है।
सुबह वह बिना शिष्य बने लौट गया। पर उस दिन से जब भी कोई उसके दरवाज़े पर आता, वह अपना काम छोड़कर पहले उसकी बात सुनता।
कथावर्स के लिए Claude (AI) द्वारा लिखी गई मौलिक कहानी, 2026