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आख़िरी पन्ना

एक लेखक, अधूरा अंत और बेटी की सीधी-सी सलाह।

३ मिनट में पढ़ें · ४२६ शब्द

लेखक आनंद के सामने मेज़ पर चाय ठंडी हो चुकी थी और काग़ज़ों का ढेर बढ़ता जा रहा था। कहानी पूरी हो चुकी थी, बस आख़िरी पन्ना बाक़ी था, और वही पन्ना उनसे लिखा नहीं जा रहा था।

कहानी एक बूढ़े किसान की थी, जिसका बेटा बरसों पहले नाराज़ होकर शहर चला गया था। किसान रोज़ शाम पगडंडी पर बैठकर इंतज़ार करता, पर बेटा नहीं लौटता था। आनंद तीन अंत लिख चुके थे। पहले में बेटा लौट आता, दूसरे में किसान मर जाता, तीसरे में बेटा देर से पहुँचता। हर अंत उन्हें झूठा लगता था।

उनकी बारह बरस की बेटी तनु चुपचाप आकर पास बैठ गई। "पापा, कहानी पूरी नहीं हुई?"

"आख़िरी पन्ना बाक़ी है।"

"मैं पढ़ सकती हूँ?"

आनंद ने झिझकते हुए पांडुलिपि उसकी ओर बढ़ा दी। तनु पढ़ने लगी। वह कहानी पढ़ते समय कई बार रुकी, एक बार आँखें पोंछीं, और फिर आख़िरी पन्ने तक पहुँचकर ठिठक गई, जहाँ बस इतना लिखा था: "किसान पगडंडी पर बैठा था और—"

"पापा," तनु ने पूछा, "बेटा नाराज़ क्यों हुआ था?"

"क्योंकि पिता ने उसे पढ़ने जाने से रोका था।"

"तो पिता ने ग़लती की?"

"हाँ, शायद।"

"और बेटा क्यों नहीं लौटा?"

आनंद चुप रह गए। उन्हें पहली बार लगा कि इस सवाल का जवाब उन्होंने कहानी में कहीं लिखा ही नहीं था। "शायद उसे डर था कि पिता अब भी नाराज़ होंगे।"

तनु ने पेंसिल उठाई। "तो फिर अंत में कोई एक माफ़ी माँग ले। पिता माँगें, या बेटा, पर कोई एक।"

"यह इतना आसान नहीं होता, बेटा।"

"पर कहानी में तो हो सकता है।" तनु ने कंधे उचकाए। "और जो कहानी में हो सकता है, कभी-कभी असल में भी हो जाता है।"

आनंद देर तक अपनी बेटी का चेहरा देखते रहे। वह मासूमियत से जो बात कह गई थी, उसमें उनकी तीन अधूरी कोशिशों का जवाब छिपा था।

उन्होंने काग़ज़ पर क़लम रखी और लिखना शुरू किया: "किसान पगडंडी पर बैठा था और दूर कोई दिखाई दिया। वह उठने को हुआ, पर पाँव काँप गए। आने वाला रुककर बोला, 'बाबूजी, मुझे माफ़ कर दो।' किसान ने जवाब नहीं दिया। उसने बस हाथ बढ़ाकर बेटे का हाथ पकड़ लिया। उस पल पगडंडी पर सूरज डूब रहा था, पर दो आदमी साथ-साथ घर की तरफ़ चल दिए।"

आनंद ने क़लम रख दी। कहानी पूरी हो चुकी थी।

तनु ने पन्ना पढ़ा और सिर हिलाया। "अब ठीक है।"

आनंद मुस्कुराए। "तुम्हें पता है, तुमने कहानी नहीं लिखी, पर कहानी पूरी कर दी।"

"यही तो पढ़ने वाले का काम है, पापा," तनु ने गंभीर होकर कहा, और ठंडी चाय का कप उठाकर हँसती हुई रसोई की तरफ़ भाग गई।

कथावर्स के लिए Claude (AI) द्वारा लिखी गई मौलिक कहानी, 2026